हरिद्वार,- जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी सरोजिनी गिरी ने मायापुर स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी पहुंचकर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज को शिकायती पत्र देकर धार्मिक संपत्ति को खुर्दखुर्द होने से बचाने के लिए कार्रवाई की मांग की। साध्वी सरोजनी गिरी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सुरसरिता मां आश्रम धर्मार्थ ट्रस्ट के एक ट्रस्टी के साथ मिलकर आश्रम की संपत्ति को खुर्दबुर्द करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें लगातार डराया धमकाया जा रहा है और मारपीट भी की जा रही है। ताकि वह वहां से कहीं और चली जाए। उन्होंने बताया कि आश्रम की संपत्ति का कुछ हिस्सा लीज पर भी दिया गया है। जिसके बाद से वहां लगातार असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और उन्हें आश्रम में रहने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस को कई बार अवगत कराने के बादजूद इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से मांग की है कि धार्मिक संपत्ति को खुर्दबुर्द होने से बचाया जाए। साध्वी सरोजिनी गिरी ने कहा कि हरिद्वार में संपत्ति विवाद में पहले भी कई संत महापुरुषों की हत्या हो चुकी है। यदि समय रहते इस विवाद का निपटारा नहीं किया गया तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आश्रम को लेकर दुष्प्रचार भी कर रहे हैं। जो कि बिल्कुल निराधार है। उन्हें 2020 में विधिवत रूप से सभी तेरह अखाड़ों के संतों महंतों की मौजूदगी में महंगाई तिलक चादर प्रदान कर आश्रम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जिसके बाद एक ट्रस्टी असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर उक्त संपत्ति को कब्जाने की नियत से रोज उनके साथ झगड़ा करता है। वह मानसिक रूप से तनाव में है और पुलिस जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करें। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि संपत्ति विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से बात की जाएगी और बातचीत से यह मुद्दा हल हो इसकी कोशिश अखाड़ा परिषद द्वारा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक संपत्ति को लेकर तनाव बना हुआ है। पुलिस को दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संत का अपमान नहीं होना चाहिए। पुलिस प्रशासन असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई कर विवाद को बढ़ने से रोके।

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