हरिद्वार: अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/मुख्य अधिशासी अधिकारी, जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण श्री बीर सिंह बुदियाल ने जनपद के समस्त अधिकारियों आदि को निर्देशित करते हुये अवगत कराया कि भारत मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून द्वारा दिनांक 18 जुलाई,2022 को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 20 जुलाई,2022 को उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, उधमसिंह नगर तथा हरिद्वार के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने के साथ ही कहीं-कहीं पर अत्यंत भारी वर्षा होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/मुख्य अधिशासी अधिकारी ने कहा है कि ऐसी स्थिति में सम्भावित आपातकालीन स्थिति/आपदा की सम्भावना के दृष्टिगत-प्रत्येक स्तर पर तत्परता बनाये रखते हुये सावधानी सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण बरता जाये, किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाये, आपदा प्रबन्धन आईआरएस प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे, एनएच, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई,डब्ल्यू बी, सीपीडब्ल्यूडी आदि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करेंगे।
 श्री वीर सिंह बुदियाल ने  यह भी बताया कि समस्त राजस्व उपनिरिक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में बने रहेंगे, समस्त बाढ़ चौकी, तहसील चौकी/थाने भी आपदा सम्बंधी उपकरणों एवं वायरलेस सहित हाई अलर्ट में रहेंगे, समस्त सम्बन्धित अधिकारी किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना एसईओसी/राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों-0135-2710335, टोल फ्री नं01070, 8218867005 एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, हरिद्वार के दूरभाष नम्बर-01334-223999, 1077 (टोल फ्री) 7055258800 पर तत्काल दर्ज करायेगें उन्होंने कहा कि इस अवधि में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाईल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे तथा लोगों के फंसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जाये और नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों एवं कलवर्टों के अवरोधों को दूर किया जाये।
मुख्य अधिशासी अधिकारी, जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने यह भी  अवगत कराया है  कि मौसम विभाग देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के दृष्टिगत जनपद में आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित समस्त सेवाओं को तत्पर रखे जाने के साथ ही किसी भी आपदा की स्थिति में प्रतिवादन का उच्च स्तर बनाये रखना सुनिश्चित करें।

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