हरिद्वार समाचार– जिलाधिकारी हरिद्वार श्री विनय शंकर पाण्डेय ने आगामी दीपावली पर्व के अवसर पर जनपद में विशेष सतर्कता बरतने तथा कानून एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में नगर मजिस्टेªट हरिद्वार, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की, उप जिला मजिस्ट्रेट, हरिद्वार/लक्सर/भगवानपुर एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने दीपावली पर्व पर भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों, शहर के मिष्ठान्न भण्डारों आदि स्थलों पर शान्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने, जुआरियों एवं सटोरियों पर सतर्क दृष्टि बनाये रखने, दीपावाली पर आवासीय भवनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर विद्युत दीप मालाओं के प्रयोग के साथ-साथ आतिशबाजी, विद्युत शार्ट सर्किट आदि से आग लगने की सम्भावना के दृष्टिगत अग्निशमन दलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। विद्युत संचालन एवं पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड एवं अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान आदि को आवश्यकतानुसार अधीनस्थ अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सार्वजनिक सड़कों/सार्वजनिक स्थलों/मंदिरों के आसपास साफ-सफाई की पूर्णं व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खाद्य सामग्रियों विशेष रूप से मावे से बनने वाली मिठाईयों इत्यादि में मिलावट की रोकथाम, माप-तोल आदि हेतु प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये।
उन्होंने विभिन्न समुदायों के बीच साम्प्रदायिक सौहार्द्र एवं कानून, शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रखते हुए सुरक्षा के विशेष प्रबन्ध करने तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ शान्ति समिति की बैठक कर पारस्परिक सौहार्द्र कायम कराने के निर्देश दिये।
श्री विनय शंकर पाण्डेय ने निर्देश दिये कि समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट अपने-अपने सब डिवीजन में संवदेनशील स्थानों पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों की तैनाती करना सुनिश्चित करें। दीपावली के पर्व पर जहां पर मेला आदि लगे हैं, बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ भाड़ की स्थिति रहती है, में मास्क के प्रयोग व सोशल डिस्टेन्सिंग के मानकों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि गैस गोदाम, पेट्रोल पम्प आदि के आस-पास पटाखे, आतिशबाजी चलाने पर रोक लगायी जाए, जिससे आग लगने की कोई घटना न हो। आतिशबाजी की बिक्री/स्टाल निर्धारित एवं खुले स्थानों पर ही की जाए। आबादी वाले स्थानों पर आतिशबाजी/पटाखों की बिक्री न की जाए और न ही आतिशबाजी का स्टाक किया जाए।

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