हरिद्वार समाचार– अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने उत्तराखंड सरकार द्वारा कुंभ मेले के दौरान कैंप एवं शिविर लगाए जाने को लेकर निर्देश जारी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया है। हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में अखाड़ों की छावनी, कैंप और टेंट लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने मेला अधिष्ठान को भूमि आवंटन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश जारी होने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि कुंभ मेले के दौरान पूरे देश से लाखों संत महापुरुष हरिद्वार आगमन करते हैं। अखाड़ों के पास पर्याप्त स्थान ना होने के कारण संत महापुरूषों को कैंप एवं शिविरों में मेले तक निवास करना होता है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद शुरू से ही मांग करता रहा है कि कुंभ मेले के दौरान कैंप एवं शिविर लगाए जाएं। जिससे कुंभ मेला दिव्य एवं भव्य रुप से संपन्न हो सके। प्रदेश सरकार के आदेश न होने के कारण मेला अधिष्ठान अब तक भूमि आवंटन का कार्य नहीं कर पा रहा था। जिसके चलते अब तक मेला क्षेत्र में अखाड़ों के कैंप और टेंट नहीं लग पाए थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मेला प्रशासन को कैंप एवं शिविर की व्यवस्था करने का जो निर्देश दिया है। वह स्वागत योग्य है। सरकार व संत महापुरुषों के समन्वय से कुंभ मेला भव्य रुप से संपन्न होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत योग्य हैं एवं संतों के प्रेमी हैं। हमें आशा है कि कुंभ मेले से जुडीे सभी मूलभूत सुविधाएं अखाड़ों को प्रदान की जाएंगी और कुंभ मेला 2010 की तरह निर्विघ्नं रूप से संपन्न होगा। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि कंुभ मेला अधिकारियों का कर्तव्य है कि वह सभी अखाड़ों के संत महापुरूषों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखे और संतों को किसी भी प्रकार की दिक्कत ना आने दें। इसके लिए मेला अधिकारी दीपक रावत, अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह व अन्य सभी अधिकारी नियमित रूप से अखाड़ों से संपर्क करें। सरकार, मेला प्रशासन व संत समाज के समन्वय से ही कुंभ मेला दिव्य व भव्य रूप से संपन्न होगा।

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