हरिद्वार समाचार- भूपतवाला स्थित पूज्य माता लाल देवी ट्रस्ट वैष्णों देवी मंदिर के परमाध्यक्ष भक्त दुर्गादास महाराज ने नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को माँ की महिमा का सार बताते हुए कहा कि माँ भगवती देवी दुर्गा सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी है। जो प्रत्येक युग में विधमान है। जो विष्व के सम्पूर्ण चराचर प्राणियों को जन्म, मृत्यु, जरा आदि तथा मोक्ष की प्राप्ति कराती है। माँ की शरण में आने वाले भक्तों का कल्याण कर माँ भगवती उनका संरक्षण करती है। भक्त दुर्गादास महाराज ने कहा कि माँ दुर्गा आदि शक्ति प्रधान प्रकृति, बुधितत्व की जननी तथा विकार रहित है। जो अंधकार व अज्ञानता रूपी राक्षसों से रक्षा करने वाली तथा कल्याणकारी है। समृद्धि तथा धर्म पर आघात करने वाली राक्षसी शक्तियों का विनाष कर माँ मानवता की रक्षा करती है। जगत जननी माँ भगवती जग की पालनहार है। जो भक्तों की सूक्ष्म अराधना से ही प्रसन्न होकर उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करती है। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि नवरात्र में देवी माँ के नौ स्वरूपों की आराधना करने वाले व्यक्ति का जीवन सदैव खुषहाल रहता है। माँ भगवती के निमित्त किए गये सभी संकल्प पूर्ण होते है। माँ दुर्गा ही आदि शक्ति है। उन्हीं से सारे विष्व का संचालन होता है। उनके अलावा कोई ओर अविनाषी नहीं है। श्रद्धापूर्वक की गयी देवी माँ की अराधना सहस्त्रगुणा पुण्य फलदायी होती है। जो व्यक्ति को भवसागर से पार लगाती है। वरना व्यक्ति इस संसार में मोहमाया के जंजाल में फंसकर रह जाता है। माँ की शरण में आने वाला व्यक्ति इस संसार में सुख भोगकर अन्त समय में बैकुण्ठ को प्राप्त होगा। क्योंकि जिसके स्वरूप का कहीं अन्त नहीं और जो संसारिक बंधनों से मुक्त करने वाली कल्याण रूपा माँ भगवती ही जग की पालनकर्ता है। इस दौरान आचार्य हीरा जोषी के तत्वावधान में माँ भगवती की विधिवत पूजा अर्चना श्रंृगार कर भव्य आरती की गयी।

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