हरिद्वार, -श्री जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद गुजरात के अध्यक्ष श्रीमहंत दिलीप दास महाराज के तत्वाधान में वैष्णव संतो ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण महाराज से भेंट वार्ता की। आचार्य बालकृष्ण महाराज ने सभी वैष्णव संतो को रुद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मंगल पीठाधीश्वर टीला द्वारा गद्दाचार्य स्वामी माधवाचार्य महाराज ने कहा कि पतंजलि योगपीठ के माध्यम से स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने घर-घर तक योग को पहुंचाया है। उनकी मेहनत और लगन से आज पूरे विश्व में भारत योग को एक नई पहचान दिला पाने में सफल हुआ है। विश्व भर के 200 से अधिक देश 21 जून को योग दिवस मनाते हैं। कोरोना काल में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लोहा विश्व भर में माना है। संत समाज आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव के उज्जवल भविष्य एवं दीर्घायु की कामना करता है। जगन्नाथ मंदिर के अध्यक्ष श्रीमहंत दिलीप दास महाराज ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। जो युगो युगो से व्यक्ति को दीर्घायु प्रदान करने में कारगर साबित हो रही है और आयुर्वेद ही एकमात्र ऐसी चिकित्सा पद्धति है। जिसका व्यक्ति के शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज ने योग और आयुर्वेद के माध्यम से पूरे विश्व में भारत को गौरवान्वित किया है। देश विदेश से लोग योग और आयुर्वेद अपनाने के लिए हरिद्वार पतंजलि योगपीठ पहुंचते हैं। भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने के लिए पतंजलि योगपीठ आचार्यकुलम के माध्यम से भी युवाओं में भारतीय संस्कृति का संचार कर रहा है जोकि सराहनीय है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि योग आयुर्वेद सहित कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में भी पतंजलि योगपीठ आधुनिकता को अपनाकर देशभर का मार्गदर्शन कर रहा है। कृषि के क्षेत्र में फर्टिलाइजर और यूरिया से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को पतंजलि योगपीठ जागरूक कर जैविक खेती के लिए बढ़ावा दे रहा है। संत समाज उनके सेवा कार्यों के लिए उनको आशीर्वाद प्रदान करता है। कोरोना काल में निराश्रितो की मदद के लिए पतंजलि योगपीठ ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण महाराज ने सभी संतों का स्वागत व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पतंजलि योगपीठ प्रत्येक परिस्थिति में संत समाज के साथ खड़ा है और राष्ट्र पर आने वाली किसी भी विपदा का सामना करने के लिए सदैव तत्पर है। कृषि, शिक्षा, चिकित्सा, आयुर्वेद एवं योग सभी क्षेत्रों में पतंजलि संस्थान नित नई खोज कर समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। प्रत्येक घर तक आयुर्वेद और योग को पहुंचाना पतंजलि का प्राथमिक लक्ष्य है। जिससे व्यक्ति को प्राकृतिक उपचार मिल सके और दवाओं के प्रति उनका झुकाव कम हो। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। जिससे कि फसलों की पैदावार अधिक से अधिक हो सके और किसानों की आय दुगनी हो। इस पर पतंजलि योगपीठ नई योजनाएं बनाने में अग्रसर है। संत महापुरुषों का जीवन परमार्थ के लिए समर्पित रहता है और इसी को ध्यान में रखते हुए आम जनमानस के हित के लिए पतंजलि योगपीठ कार्य कर रहा है। इस अवसर पर श्री महंत रामकृष्ण दास महाराज, बारह भाई डांडिया खालसा श्रीमहंत जगदीश दास, श्रीमहंत जोगीदास, महंत बिशंबर दास, महंत काशी दास, महंत महावीर दास, महंत रामदास, महंत गोविंद दास, महंत हरिदास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, महंत अंकित शरण, महंत राजेंद्र दास, महंत रामदास, महंत हरिदास, महंत सुमित दास, महंत लंकेश दास, महंत पवनदास, साध्वी विजयलक्ष्मी, साध्वी जयश्री, समाजसेवी पवन शर्मा सहित कई संत महापुरुष उपस्थित रहे।

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