हरिद्वार:- 
बैठक में महाप्रबन्धक उद्योग सुश्री पल्लवी गुप्ता ने भगवानपुर इण्डस्ट्रियल एरिया, सिडकुल, औद्योगिक क्षेत्र हरिद्वार, औद्योगिक क्षेत्र बहादराबाद आदि से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओं को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिला उद्योग मित्र समिति के सम्मुख रखा। सर्वप्रथम रायपुर लकेशरी औद्योगिक क्षेत्र की पानी की निकासी के सम्बन्ध में चर्चा हुई, जिस पर अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि इस सम्बन्ध में संशोधित डीपीआर शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित की गयी है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को उनकी ओर से एक अनुरोध पत्र शासन को डीपीआर जल्दी स्वीकृत किये जाने के सम्बन्ध मंे प्रेषित करने के निर्देश दिये। शिवगंगा औद्योगिक आस्थान लकेशरी भगवानपुर में औद्योगिक आस्थान के प्रमोटर द्वारा अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं रखरखाव का कार्य पूर्ण न किये जाने का मामला बैठक में सामने आया, जिस पर प्रमोटर्स शिवगंगा इण्डस्ट्रियल इस्टेट के प्रतिनिधि ने बताया कि अनुबन्ध के अनुसार वह अपने हिस्से की 30 प्रतिशत धनराशि देने को तैयार है। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम भगवानपुर को निर्देश दिये कि इसमें अब जो भी औपचारिकतायें होनी हैं, उन्हें सोमवार को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी से ग्राम रायपुर से ग्राम चौली तक नाले के निर्माण कार्य के सम्बन्ध में पूछे जाने पर एन0एच0 के अधिकारियों ने बताया कि इसमें 20 प्रतिशत जमीन जगह-जगह पर काश्तकारों की आ रही है, जिसकी वजह से कार्य नहीं हो पा रहा है, इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुये कहा कि इस कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को एक माह में इस प्रकरण का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। सिकन्दर भैंसवाला में प्राकृतिक नाले पर अतिक्रमण की वजह से जल भराव की स्थिति पैदा होने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक योजना बनाई जा रही है, उस योजना में यह आच्छादित हो जायेगा।
बैठक में सिडकुल में नये उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि की अनुपलब्धता पर विचार-विमर्श हुआ। इस पर सिडकुल के अधिकारियों ने बताया कि लक्सर व रूड़की में भूमि चिह्नित करते हुये अन्य औपचारिकतायें पूर्ण करने की कार्यवाही गतिमान है। सभी औद्योगिक क्षेत्रों के लिये सी0ई0टी0पी0 स्कीम के सम्बन्ध में अधिकारियों ने बताया कि पी0पी0पी0 मोड पर बनाये जाने पर आंगणन कर लिया गया है, शीघ्र ही आगे की कार्रवाई की जायेगी। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय कर अपनी रिपोर्ट सोमवार तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। औद्योगिक आस्थान रामनगर एवं सलेमपुर राजपूताना रूड़की में जल निकासी के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर गठित कर स्वीकृति हेतु शासन को भेजी जा रही है। हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज की उचित व्यवस्था नहीं होने एवं सीवरेज लाइन नहीं होने से इस क्षेत्र में जल भराव की समस्या पैदा हो जाती है, के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा जानकारी लेने पर जल निगम के परियोजना निदेशक ने बताया कि पम्पिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह कार्य नहीं हो पा रहा है, इस पर सिडकुल के अधिकारियों ने बताया कि जमीन हम उपलब्ध करा देंगे। इस पर परियोजना निदेशक ने बताया कि जमीन उपलब्ध हो जाने पर आगामी जुलाई माह में टेण्डर की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जायेगी।
जिलाधिकारी को बैठक में सिडकुल/हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र के अन्दर सम्पर्क मार्गों आदि के रखरखाव के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सम्पर्क मार्गों आदि को आवश्यकतानुसार नवीनीकृत/गड्ढामुक्त कर दिया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना के सम्बन्ध में बैठक में पूछे जाने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि इस हेतु जमीन प्राप्त हो गयी है। फायर स्टेशन स्थापना हेतु प्रस्ताव अग्निशमन मुख्यालय प्रेषित किया गया है। बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु आवेरहैड टैंक व पाइप लाइन बिछाये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर तैयार की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर डीपीआर तैयार कर उपलब्ध हो जानी चाहिये तथा इसमें हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। सिडकुल द्वारा भूमि हस्तांतरण शुल्क के सम्बन्ध में क्षेत्रीय प्रबन्धक सिडकुल ने बताया गया कि प्रस्ताव मुख्यालय प्रेषित किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक अनुरोध पत्र उनकी ओर से सिडकुल मुख्यालय को प्रेषित किया जाये।
औद्योगिक संगठनों द्वारा जहां पर 100 से अधिक उद्योग स्थापित हैं, वहां पर सभी प्रकार की अवस्थापना सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के अनुरोध के क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि इस सम्बन्ध में औद्योगिक संगठन एक समग्र प्रस्ताव प्रस्तुत करें। बैठक में औद्योगिक संगठनों द्वारा आयुर्वेदिक कम्पनियों के लिये जारी की गयी नीति पुरानी होने तथा इसे ऑन लाइन करने के अनुरोध के सम्बन्ध में आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक साल में ऑन लाइन करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी।
बैठक में पावर रोस्टिंग एवं ट्रिपिंग, रूड़की औद्योगिक क्षेत्र रामनगर रूड़की में नये फायर हाईड्रेन्ट की स्थापना, मैसर्स पतंजलि रूचि सोया की इकाई भगवानपुर में निरन्तर विद्युत की आपूर्ति किये जाने आदि के सम्बन्ध में भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) श्री बीर सिंह बुदियाल, एस0डी0एम0 श्री पूरन सिंह राणा, एस0डी0एम0 भगवानपुर श्री बृजेश कुमार तिवारी, एएसडीएम रूड़की श्री विजयनाथ शुक्ल, परियोजना निदेशक जल निगम श्री आर0के0 जैन, श्री अजय शर्मा, श्री जगदीश लाल पाहवा, श्री अभिषेक कुमार, श्री मनोज कुमार मिश्रा, श्री पवन कुमार अग्रवाल,श्री आत्म सिंह सैनी, श्री साधुराम, आर0एम0 सिडकुल सहित विभिन्न सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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