अल्मोड़ा   –   उत्तराखंड राज्य में वनाग्नि सत्र 2022 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों व जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअली बैठक कर वनाग्नि पर काबू पाने एवं बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु एक प्रभावी करवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगल में लगने वाली आग हमारे राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य में ह्रास के साथ साथ सभी प्रकार के वन्यजीव एवं पारिस्थितिक संतुलन के लिए बहुत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहयोग से फॉरेस्ट फायर पर लगाम लगाने हेतु ठोस कार्रवाई जनपद स्तर पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु जनता की सहभागिता महत्वपूर्ण है।आम जन समुदाय का विशेष सहयोग लिया जाय। साथ ही प्रदेश के विभिन्न संस्थानों, विश्वविद्यालयों का भी इसमें सहयोग लें।
  वी सी के दौरान जिलाधिकारी अल्मोड़ा वन्दना ने वीसी में बताया की जनपद अल्मोड़ा में इस वर्ष वनाग्नि की कई घटनाएं सामने आयी हैं जिस पर काबू पाने हेतु सक्रिय कार्रवाई की गई है। वनाग्नि की रोकथाम हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न समूहों का भी विशेष सहयोग लिया जा रहा है।  वन विभाग,राजस्व विभाग,पुलिस तथा  के अन्य विभागों के कर्मी आपसी समन्वय के साथ  जंगल की आग पर लगातार निगरानी करते हुए कार्य कर रहे हैं ।
इसके अतिरिक्त ग्राम स्तर पर भी लगातार जागरूकता गोष्ठी भी की जा रही है।
वनाग्नि से रोकथाम के लिये एन0सी0सी0, एन0डी0आर0एफ0, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वन पंचायत और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी आगे आकर इसके नियंत्रण में भागीदारी करने हेतु अपील की गई है ।
  वीसी में जनपद अल्मोड़ा से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, वन संरक्षक अल्मोड़ा,प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम दीप चन्द्र पंत समेत अन्य मौजूद रहे। शासन से माननीय वन मंत्री उत्तराखंड सरकार तथा उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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