हरिद्वार, 19 जुलाई। प्रतिवर्ष सावन माह में विश्व कल्याण के लिए श्रीदक्षिण काली मंदिर में होने वाली निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की विशेष शिवोपसना अनवरत रूप से जारी है। मंगलवार को विभिन्न प्रकार के पुष्पों से शिवलिंग का श्रंगार कर व पंचामृत से अभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना व अभिषेक अमोघ फल प्रदान करते हैं। जो श्रद्धालु भक्त मन, वचन, कर्म से स्वयं को शिव को समर्पित कर उनकी आराधना करते हैं। शिव कृपा से उनके सभी कष्ट व संकट दूर हो जाते हैं। प्रत्येक कार्य सफल होता है। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है और जीवन भवसागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि कण-कण में वास करने वाले भगवान शिव के प्रकृति से लगाव को देखते हुए श्रावण मास को उनकी आराधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। श्रावण मास में प्रकृति नया श्रंगार करती है। चारों और हरियाली और स्वच्छ वातावरण होता है। भगवान शिव के प्रकृति से लगाव को देखते हुए उनके भक्तों को पर्यावरण के प्रति संवदेनशील बनना चाहिए। कांवड़ लेने आने वाले शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि गंगा में किसी भी प्रकार का दूषित प्रदार्थ, पाॅलीथीन, कपड़े आदि ना डालें। गंगा को स्वच्छ, निर्मल, अविरल बहने में सहयोग करें। कांवड़ यात्रा के दौरान दूसरों को भी गंगा स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें। पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि शिव कृपा अनन्त है। शिव कृपा के चलते ही शिवभक्त बम बम के जयकारों के बीच कठिन कांवड़ यात्रा को पूरा करते हैं। इस दौरान अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी रघुवीरानन्द, स्वामी विवेकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, महंत लालबाबा, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, स्वामी अनुरागी महाराज, पुजारी सुधीर पाण्डे सहित सैकड़ों श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

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