हरिद्वार समाचार-श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में भगवान कार्तिकेय जयंती संत महापुरूषों के सानिध्य में धूमधाम से मनायी गयी। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि भगवान कार्तिकेय की आराधना से यश, कीर्ति व बल बुद्धि की प्राप्ति होती है। जो श्रद्धालु भक्त भगवान कार्तिकेय की शरण में आ जाता है। उसका जीवन सदैव सफलता की ओर अग्रसर रहता है और वह भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा से ही भारतीय संस्कृति का विदेशों में भी वर्चस्व है। सनातन धर्म से आकर्षित होकर विदेशी लोग भी भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैं। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि भगवान कार्तिकेय कण कण में विराजमान हैं। जो अपने भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर उन्हें मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहकर ही परमात्मा की प्राप्ति की जा सकती है। व्यक्ति को सदा सत्य का मार्ग अपनाकर परमात्मा की शरण में रहना चाहिए। क्योंकि भगवान की भक्ति में वो शक्ति है कि जो व्यक्ति के बड़े से बड़े संकट को क्षण में दूर कर देती है। श्रीमहंत रामरतन गिरी व महंत लखन गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शंकर व माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की कृपा जिस व्यक्ति पर हो जाती है। उसका जीवन स्वतः ही सफल हो जाता है। विधि विधान व सच्चे मन से भगवान कार्तिकेय की आराधना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। परिवारों में सुख समृद्धि का वास होता है। इस दौरान महंत डोंगर गिरी, महंत अंबिका पुरी, दिगंबर राजेंद्र भारती, महंत केशवपुरी, महंत दिनेश गिरी, महंत राधेगिरी, महंत नरेश गिरी, स्वामी शिव वन, स्वामी रघु वन, स्वामी मधुर वन, दिगंबर बलबीर पुरी, दिगंबर आशुतोष पुरी आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.