हरिद्वार,- वैष्णव संप्रदाय के सिरमौर टीलाद्वारा गद्दाचार्य मंगल पीठाधीश्वर स्वामी माधवाचार्य महाराज ने बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े पहुंचकर विश्व कल्याण के लिए आयोजित कोटी होमात्मक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में हिस्सा लिया और पूजा अर्चना कर राष्ट्र कल्याण की कामना की। इस दौरान स्वामी माधवाचार्य महाराज ने कहा कि वैष्णव अखाड़ों की गौरवशाली परंपराए विश्व विख्यात है और महापुरुषों ने हमेशा ही समाज को नई दिशा प्रदान की है। विश्व कल्याण के लिए आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ देश में नई ऊर्जा का संचार करेगा और वह सौभाग्यशाली है कि उन्हें जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज जैसे वयोवृद्ध महापुरुष के तत्वाधान में यज्ञ में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि संत महापुरुषों के तप और विद्वत्ता के माध्यम से ही आज भारत संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन कर विश्व को धर्म का सकारात्मक संदेश प्रदान कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखण्डता बनाए रखने में संत महापुरूषों का अहम योगदान है। 21 साल बाद देश में आयोजित हो रहा विशाल धार्मिक आयोजन निश्चित रूप से राष्ट्र व समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि धर्म के संरक्षण संवर्धन में महापुरुषों ने हमेशा ही अग्रणीय भूमिका निभाई है और संत महापुरुष ही धर्म संस्कृति एवं राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी अयोध्याचार्य महाराज युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए लगातार धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन कर युवाओं में धर्म एवं संस्कृति को जागृत कर रहे हैं। ऐसे महापुरुषों का ज्ञान और प्रेरणा ही संत समाज को गौरवान्वित कर रहा है। श्री महंत रामजी दास एवं महंत नरेंद्र दास महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के उत्थान में वैष्णव संतो का अहम योगदान है। धार्मिक अनुष्ठानों से समाज और राष्ट्र में उच्च संस्कारों का प्रसार होता है और प्रेम की भावना जागृत होती है। हम सभी को अपने धर्म व संस्कृति के प्रति जागरूक होना चाहिए और अपने बच्चों को भी संस्कारवान बनाकर मानव सेवा के लिए समर्पित रहना चाहिए। क्योंकि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। महंत राजेंद्रदास ने बताया कि देश भर से आए 351 विद्वान ब्राह्मण धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में योगदान कर रहे हैं। तीन मई को शुरू हुए यज्ञ का समापन 13 मई को होगा। इस अवसर पर श्री महंत रामकृष्ण दास महाराज, बारह भाई डांडिया खालसा श्रीमहंत जगदीश दास, श्रीमहंत जोगीदास, महंत बिशंबर दास, महंत काशी दास, महंत महावीर दास, महंत रामदास, महंत गोविंद दास, महंत हरिदास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, महंत अंकित शरण, महंत राजेंद्र दास, महंत रामदास, महंत हरिदास, महंत सुमित दास, महंत लंकेश दास, महंत पवनदास, साध्वी विजयलक्ष्मी, साध्वी जयश्री, समाजसेवी पवन शर्मा सहित कई संत महापुरुष उपस्थित रहे।
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