हरिद्वार– बैरागी कैंप स्थित श्री परशुराम ब्राह्मण धर्मशाला समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्तों को कथा की महिमा से अवगत कराते हुए सुदर्शन आश्रम के महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा कि सभी ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। कथा श्रवण के प्रभाव से सभी सद् इच्छाओं की पूर्ति होती है। अक्षय पुण्य फल प्रदान करने वाली श्रीमद्भागवत कथा के समान कोई तीर्थ नहीं है। सभी सनातन प्रेमियों को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा व्यास महंत अंकित दास महाराज ने कहा कि कथा की सार्थकता तभी है। जब इसमें निहित उपदेशों को जीवन में शामिल कर व्यवहार में लाएं और अपने माता पिता और गुरुजनों का सम्मान करें। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से प्रत्येक व्यक्ति में धार्मिक भावना का संचार होता है और तन के साथ-साथ मन का भी शुद्धीकरण हो जाता है। श्री ज्ञान गंगा गौशाला के अध्यक्ष महंत रामदास महाराज ने कहा कि मृत्यु भय समाप्त कर मोक्ष प्रदान करने वाली श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। संशय दूर होता है और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्री परशुराम ब्राह्मण धर्मशाला समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा ने कथा में पधारे सभी संत महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गंगा तट पर संत महापुरूषों के सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते हैं। प्राणी का अलौकिक, आध्यात्मिक विकास होता है। साक्षात श्रीहरि का स्वरूप श्रीमद्भागवत कथा का पावन हृदय से श्रवण करने मात्र से करोड़ों पुण्य का फल प्राप्त होता है। इस अवसर पर स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत सुतीक्ष्ण मुनि, स्वामी हरिहरानंद, महंत प्रह्लाद दास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, महंत सूरजदास, महंत गोविंद दास, महंत अगस्त दास, महंत निर्मल दास, समाजसेवी जयभगवान सहित कई संत महापुरुष उपस्थित रहे।

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